पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है । पार्टी से टिकट ना मिलने पर नाराज होकर दिनेश बजाज और शिबपुर से विधायक जातू लाहिरी ने तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है । वहीं पिछले दिनों राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है । कल तृणमूल कांग्रेस की ओर से उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई थी । इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने अपने 28 सिटिंग विधायकों को टिकट नहीं दिया है । दिनेश बजाज ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला । दिनेश बजाज ने कहा कि पार्टी में हिंदी भाषी लोगों को बाहरी माना जाता है , यह कब तक सहन किया जा सकता है । जब मुझे लगा कि सारी हदें पार हो चुकी हैं तब मैंने ऐसा कठोर निर्णय लिया है । आगे दिनेश बजाज ने कहा कि मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता है कि इस बार के चुनाव में मुझे बीजेपी से टिकट देगी या नहीं । लेकिन अब मैं टीएमसी में और नहीं रह सकता हूं । मैं ममता दीदी के साथ 20 सालों से रहा हूं लेकिन इस बात की कोई अहमियत ही नहीं है ।

दिनेश बजाज के अलावा शिबपुर से वर्तमान विधायक जातू लाहिरी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया । जातू अपना टिकट कटने से पार्टी से नाराज चल रहे थे । इस बार जातू के बदले क्रिकेटर मनोज तिवारी को शिबपुर से उम्मीदवार बनाया गया है । वहीं दूसरी तरफ भाजपा में शामिल होने पर दिनेश त्रिवेदी ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को जमकर निशाने पर लिया । दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि आज बंगाल में ऐसा माहौल है कि वहां की जनता मुझसे फोन कर कहती थी कि आप इस पार्टी में क्या कर रहे हैं । साथ ही उन्होंने कहा कि आज यह हालत हो गई है कि एक स्कूल बनाने तक के लिए पार्टी को चंदा देना पड़ रहा है । आगे दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि बंगाल में लगातार हिंसा बढ़ रही है और इससे जनता त्रस्त हो चुकी है । आपको बता दूं कि इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 51 महिला उम्मीदवार उतारे हैं । इसके अलावा पार्टी की तरफ 79 SC और 19 ST उम्मीदवारों के नाम का भी ऐलान किया गया है । हालांकि पिछली बार की तुलना में इस बार कम मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है । 294 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस ने सिर्फ 42 मुस्लिम उम्मीदवार खड़े किए हैं ।